गोरखपुर के स्कूलों में किताब, कॉपी और ड्रेस बेचने पर सख्त रोक, मनपसंद दुकान से खरीदारी कर सकेंगे अभिभावक
डीआईओएस ने जारी किया सख्त आदेश, विशिष्ट दुकान का नाम बताने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई
गोरखपुर। नए शैक्षिक सत्र (2026-27) की शुरुआत के साथ ही गोरखपुर जिले के अभिभावकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। स्कूलों की मनमानी और कमीशनखोरी पर लगाम कसते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) डॉ. अमर कान्त सिंह ने एक सख्त आदेश जारी किया है। अब जिले के किसी भी स्कूल परिसर के अंदर किताबें, कॉपी, ड्रेस या अन्य पठन-पाठन सामग्री नहीं बेची जा सकेगी।
इतना ही नहीं, स्कूल प्रबंधन अब अभिभावकों को किसी 'खास दुकान' से सामान खरीदने के लिए भी बाध्य नहीं कर सकेंगे।
सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा नियम डीआईओ द्वारा 4 अप्रैल 2026 को जारी किए गए पत्र (पत्रांक शिविर-1/93-96/2026-27) के अनुसार, यह आदेश गोरखपुर जनपद के सभी राजकीय, अशासकीय सह प्राप्त, वित्तविहीन, और यहां तक कि सी०बी०एस०ई० (CBSE) तथा आई०सी०एस०ई० (ICSE) बोर्ड से म प्राप्त सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों/प्रधानाचार्याओं लागू होगा।
क्या हैं डीआईओएस के सख्त निर्देश? पत्र में स्पष्ट गया है कि शासन द्वारा विद्यालय परिसर से व्यावसाि गतिविधियों पर रोक है। डीआईओएस ने निम्नलिखि निर्देश दिए हैं:
1. परिसर में बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध: किसी भी विद्यालय के परिसर में किताब, कॉपी, ड्रेस या मोजे आदि की दुकान नहीं लगेगी और न ही होगी।किसी दुकान की पर्ची नहीं मिलेगीः स्कूल प्रव तो प्रत्यक्ष रूप से और न ही अप्रत्यक्ष (इशारों के माध्यम से) रूप से अभिभावकों को किसी
2किसी दुकान की पर्ची नहीं मिलेगीः स्कूल प्रव तो प्रत्यक्ष रूप से और न ही अप्रत्यक्ष (इशारों के माध्यम से) रूप से अभिभावकों को किसी
3. अभिभावकों को पूरी स्वतंत्रताः अभिभावक अपनी इच्छा और सुविधानुसार बाज़ार में मौजूद किसी भी उचित दुकान से अपने बच्चों के लिए यह सामग्री खरीदने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र हैं।
शिकायत मिली तो होगी कड़ी कार्रवाई हर साल नए सत्र की शुरुआत में अभिभावकों की यह शिकायत रहती है कि स्कूल उन्हें किसी एक चुनिंदा दुकान से महंगी किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर करते हैं, जहां स्कूलों का कमीशन तय होता है। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए डीआईओएस ने चेतावनी दी है कि यदि आदेश के बाद भी कोई स्कूल अभिभावकों पर दबाव बनाता है और इसकी शिकायत अधोहस्ताक्षरी (डीआईओएस) कार्यालय को प्राप्त होती है, तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन भी रखेगा नजर इस आदेश को सख्ती से लागू कराने के लिए इसकी प्रतिलिपि गोरखपुर मण्डल के आयुक्त (कमिश्नर), गोरखपुर के जिलाधिकारी (डीएम)
और सप्तम मण्डल के संयुक्त शिक्षा निदेशक को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।
इस फैसले से उन हजारों अभिभावकों ने राहत की सांस ली है, जो हर साल स्कूलों और चुनिंदा दुकानदारों की मिलीभगत के कारण आर्थिक शोषण का शिकार होते थे। अब देखना यह है कि स्कूल प्रबंधन इस आदेश का कितनी ईमानदारी से पालन करते हैं।








No comments