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ध्रुव त्रिपाठी 307 मतों से जीते, मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह की निगरानी में 35 घंटे बाद पूरी हुई मतगणना



डीएम दीपक मीणा, डीआईजी एस. चन्नप्पा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ रहे मुस्तैद, कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई मतगणना

जीत के बाद ध्रुव बोले- पुरानी पेंशन राष्ट्रीय मुद्दा, शिक्षकों के हितों के लिए लड़ेंगे; राजीव यादव ने 1600 मतपत्रों पर सवाल उठाकर कोर्ट जाने की कही बात

चौथी बार जीत के बाद शिक्षकों के लिए किए गए कार्यों पर सवाल, उपलब्धियां गिनाने में स्पष्ट जवाब नहीं दे सके ध्रुव त्रिपाठी

गोरखपुर। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने 307 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 14,887 मत मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव को 14,580 मत प्राप्त हुए। करीब 35 घंटे तक चली मतगणना के बाद बुधवार को रिटर्निंग ऑफिसर एवं मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने परिणाम की घोषणा की। 27 अक्टूबर को सुबह आठ बजे शुरू हुई मतगणना को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी एवं सहायक रिटर्निंग ऑफिसर दीपक मीणा, डीआईजी रेंज एस. चन्नप्पा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ सहित प्रशासन और पुलिस के अधिकारी लगातार मुस्तैद रहे। जीत के बाद ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने पुरानी पेंशन को राष्ट्रीय मुद्दा बताते हुए कहा कि इस पर राष्ट्रीय नेतृत्व निर्णय लेगा। उन्होंने शिक्षकों के हितों के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही। दूसरी ओर, पराजित प्रत्याशी राजीव यादव ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें हराया गया है। उन्होंने करीब 1,600 मतपत्रों पर एक ही पेन से एक और दो लिखे होने का दावा करते हुए फॉरेंसिक जांच कराने और न्यायालय जाने की बात कही।

मतगणना की प्रक्रिया 27 अक्टूबर की सुबह आठ बजे शुरू हुई थी। द्वितीय वरीयता के मतों की गणना के कारण परिणाम आने में करीब 35 घंटे लगे। इस दौरान प्रत्याशियों के बीच मतों का अंतर लगातार चर्चा का विषय बना रहा। मतगणना में 14 प्रत्याशियों के एलिमिनेशन के बाद उनके मतपत्रों पर दर्ज द्वितीय वरीयता के मतों की गणना कर नियमानुसार संबंधित प्रत्याशियों के खाते में मत जोड़े गए। एक-एक मत की गणना के बाद अंतिम परिणाम सामने आया, जिसमें ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने राजीव यादव को 307 मतों से पीछे छोड़ दिया। मतगणना पूरी होने के बाद मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने परिणाम की घोषणा की।

जीत के बाद पत्रकारों से बातचीत में ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने पुरानी पेंशन के मुद्दे पर कहा कि यह राष्ट्रीय मुद्दा है और इस पर राष्ट्रीय नेतृत्व निर्णय लेगा। उन्होंने कहा कि वह शिक्षकों के हितों के लिए लड़ाई लड़ते रहेंगे। पुरानी पेंशन की बहाली शिक्षकों की प्रमुख मांगों में शामिल रही है। ऐसे में चुनाव जीतने के बाद इस मुद्दे पर उनसे आगे की रणनीति और ठोस पहल के संबंध में भी सवाल किए गए। हालांकि, उन्होंने निर्णय का दायित्व राष्ट्रीय नेतृत्व पर छोड़ते हुए अपनी ओर से संघर्ष जारी रखने की बात कही।

पत्रकारों ने ध्रुव कुमार त्रिपाठी से यह भी पूछा कि वह लगातार चौथी बार चुनाव जीत रहे हैं, ऐसे में शिक्षकों के हित में उन्होंने कौन-कौन से प्रमुख कार्य किए हैं और उनकी उपलब्धियां क्या हैं। इस सवाल पर ध्रुव त्रिपाठी स्पष्ट रूप से अपनी उपलब्धियां गिनाने के बजाय गोलमोल जवाब देते नजर आए। शिक्षकों के बीच पुरानी पेंशन, सेवा संबंधी समस्याओं और अन्य मांगों को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। ऐसे में लगातार चौथी बार प्रतिनिधित्व का अवसर मिलने के बाद उनके कार्यकाल में शिक्षकों के हित में हुए काम और आगामी प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्ट जवाब की अपेक्षा की जा रही थी।

दूसरी ओर, चुनाव परिणाम से असंतुष्ट निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने मतगणना प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें हराया गया है और वह परिणाम को चुनौती देने के लिए न्यायालय जाएंगे। राजीव यादव का दावा है कि करीब 1,600 मतपत्रों पर एक और दो के अंक एक ही पेन से लिखे गए हैं। उन्होंने इन मतपत्रों की प्रामाणिकता की जांच के लिए फॉरेंसिक जांच कराने की मांग करने की बात कही। उनका कहना है कि वह इस मामले को न्यायालय के समक्ष उठाएंगे और मतपत्रों की जांच की मांग करेंगे। हालांकि, मतपत्रों को लेकर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन दावों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

मतगणना के दौरान सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की निगरानी रिटर्निंग ऑफिसर एवं मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह के स्तर से की गई। जिलाधिकारी एवं सहायक रिटर्निंग ऑफिसर दीपक मीणा ने निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और संजय चौहान सहित अन्य अधिकारियों ने भी मतगणना से संबंधित कार्यों में योगदान दिया। लंबी प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों के बीच समन्वय बनाए रखते हुए मतगणना को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया गया।

सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी डीआईजी रेंज एस. चन्नप्पा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने की। मतगणना स्थल और आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। एसपी सिटी निमिष पाटिल ,एसपी उत्तरी राजेश धुनावत, एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव, एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी और एसपी अपराध अयोध्या प्रसाद सिंह ने भी अपने-अपने दायित्वों के अनुसार सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाएं संभालीं।

प्रशासनिक समन्वय में मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, अपर आयुक्त प्रशासन अजय राय, उप जिला निर्वाचन अधिकारी जय प्रकाश और अपर जिलाधिकारी नगर गजेंद्र कुमार जुटे रहे। नगर आयुक्त अजय जैन और गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल सहित अन्य अधिकारियों ने भी अपने विभागों से संबंधित जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुणाल रस्तोगी और मुकुल खंडेलवाल, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव तथा एसीएम पवन जायसवाल ओसीडी जीडीए संजीव दीक्षित एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह तहसीलदार सदर सत्य प्रकाश गुप्ता भी मतगणना से जुड़े कार्यों में लगे रहे।

एडीएम प्रशासन डॉ. वैभव शर्मा, सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार एस. और सहायक बचत निदेशक बृजेश ने भी अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। क्षेत्राधिकारी स्तर पर सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी, सीओ चौरीचौरा कुंदन सिंह, सीओ गोरखनाथ रवि सिंह और सीओ गोला ध्रुवेश सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में योगदान दिया। जिला पूर्ति अधिकारी अजय प्रताप सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और पुलिसकर्मी भी मतगणना से जुड़ी व्यवस्थाओं में तैनात रहे।

करीब 35 घंटे तक चली मतगणना के दौरान द्वितीय वरीयता के मतों की गणना पूरी होने के बाद परिणाम सामने आया। मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने चुनाव परिणाम की घोषणा की और ध्रुव कुमार त्रिपाठी की 307 मतों से जीत तय हुई। प्रशासन और पुलिस की निगरानी में मतगणना सकुशल संपन्न हुई। हालांकि, जीत के बाद पुरानी पेंशन पर राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्णय का हवाला, शिक्षकों के हित में किए गए कार्यों को लेकर पूछे गए सवाल और राजीव यादव की ओर से मतपत्रों की फॉरेंसिक जांच की मांग ने चुनाव परिणाम के बाद की चर्चा को भी अहम बना दिया है।

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