होटल या अवैध अड्डा? नाबालिग बच्चियों को ठहराने और लोकल ID पर कमरे देने का मामला।
कैंपियरगंज क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार इलाके में एक होटल बिना वैध अनुमति के संचालित किया जा रहा है, जहां नियमों को ताक पर रखकर संदिग्ध तरीके से कमरों की बुकिंग की जा रही है। आरोप है कि इस होटल में नाबालिगों को भी लोकल पहचान पत्र (ID) के आधार पर कमरा उपलब्ध कराया जा रहा है, जो गंभीर कानूनी उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
सूत्रों के मुताबिक, होटल संचालक बिना उचित सत्यापन के ग्राहकों को ठहरने की सुविधा दे रहा है, जिससे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार इस तरह की गतिविधियों की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
इस पूरे मामले ने अभिभावकों और समाज के जिम्मेदार लोगों में चिंता बढ़ा दी है। खासकर स्कूली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कानून के अनुसार, किसी भी होटल या लॉज में ठहरने वाले व्यक्ति की पहचान का सही सत्यापन और रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होता है, वहीं नाबालिगों को बिना अभिभावक की अनुमति के कमरा देना गैरकानूनी है।
जब इस संबंध में प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो अधिकारियों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी तत्परता से लेता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है?








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