गोरखपुर के उरुवा क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में डर और अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है।
गोरखपुर के उरुवा क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में डर और अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है।
बताया जा रहा है कि बेहसनी गांव निवासी अभयनाथ की भैंस को करीब 2 महीने पहले एक पागल कुत्ते ने काट लिया था, लेकिन उस समय इसकी जानकारी किसी को नहीं हो पाई।
धीरे-धीरे भैंस की तबीयत बिगड़ने लगी और 16 अप्रैल को उसने खाना-पीना छोड़ दिया। जब पशु चिकित्सक को दिखाया गया, तो जांच में पता चला कि भैंस रेबीज से संक्रमित हो चुकी है और उसकी जान बचाना मुश्किल है।17 अप्रैल को भैंस की मौत हो गई।
दूध पीने वालों में मचा हड़कंप
इन दो महीनों के दौरान भैंस का दूध लगातार निकाला गया और कई लोगों ने उसका सेवन भी किया।
जैसे ही यह खबर फैली कि भैंस रेबीज संक्रमित थी, दूध पीने वाले लोगों में दहशत फैल गई।
तुरंत सभी लोग उरुवा सीएचसी पहुंचे और एहतियात के तौर पर एंटी-रेबीज के इंजेक्शन लगवाए।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह
स्वास्थ्य अधिकारियों ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए बताया:
संक्रमित जानवर के संपर्क या उसके कच्चे दूध के सेवन से रेबीज का खतरा हो सकता है
अगर दूध को अच्छी तरह उबालकर या चाय बनाकर पिया गया है, तो खतरा कम होता है
जिन लोगों ने कच्चा दूध इस्तेमाल किया है, उन्हें तुरंत इंजेक्शन लगवाना चाहिए
कितने लोग प्रभावित?
कुल 30 लोगों ने एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाया
इनमें भैंस मालिक का परिवार और दूध निकालने वाले परिवार के लोग शामिल हैं
इस घटना से साफ है कि जानवरों की बीमारी को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।
अगर किसी पशु को कुत्ता काटे, तो तुरंत जांच कराएं
संक्रमित जानवर का दूध या मांस इस्तेमाल करने से बचें
किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें








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