शुभेंदु के साथ बंगाल में भाजपा युग का आरंभ, तमिलनाडु में विजय की ताजपोशी।
देश की राजनीति में शनिवार का दिन ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया। पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी और भाजपा नेता Suvendu Adhikari ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नया इतिहास रच दिया।
कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah समेत कई बड़े नेताओं की मौजूदगी ने इस मौके को और खास बना दिया।
भाजपा ने विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए बंगाल की राजनीति में नया अध्याय शुरू किया है। लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय दलों के वर्चस्व को खत्म करते हुए भाजपा ने सत्ता पर कब्जा जमाया।
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र पर काम करेगी।
उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था सुधारने, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और उद्योग निवेश बढ़ाने को प्राथमिकता बताया।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। समारोह में भाजपा कार्यकर्ताओं का भारी उत्साह देखने को मिला। पूरे कोलकाता में जश्न का माहौल रहा और समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का उत्सव मनाया।
नई सरकार में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की भी कोशिश की गई है। मंत्रिमंडल में उत्तर बंगाल, जंगलमहल और सीमावर्ती इलाकों से नेताओं को जगह दी गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बंगाल में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।
इधर तमिलनाडु की राजनीति में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला। अभिनेता से नेता बने Vijay को राज्यपाल ने सरकार गठन के लिए आमंत्रित किया। उनकी पार्टी टीवीके ने विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। चेन्नई में रविवार को विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
तमिलनाडु में विजय की जीत को राज्य की पारंपरिक राजनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। युवाओं और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं ने विजय को खुलकर समर्थन दिया। चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था, जिसका असर चुनाव परिणामों में साफ दिखाई दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बंगाल और तमिलनाडु के ये बदलाव देश की राजनीति में नए समीकरण तैयार कर सकते हैं। एक ओर भाजपा ने पूर्वी भारत में अपनी स्थिति मजबूत की है, वहीं दक्षिण भारत में विजय के उभार ने क्षेत्रीय राजनीति को नई दिशा दे दी है। अब पूरे देश की नजर इन दोनों नई सरकारों के कामकाज पर टिकी हुई है।








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