दिल्ली अग्निकांड के बाद गोरखपुर के होटलों पर उठे सवाल, क्या प्रशासन ने की जांच?
गोरखपुर। दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण होटल अग्निकांड में 21 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन पर होटलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निगाहें टिक गई हैं। हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या गोरखपुर जनपद के सभी होटल, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट की जांच हुई है?
जनपद के विभिन्न कस्बों और बाजारों में संचालित कई होटल, लॉज और रेस्टोरेंट वर्षों से चल रहे हैं। इनमें से कितने प्रतिष्ठानों के पास वैध फायर एनओसी है, कितनों में अग्निशमन यंत्र कार्यशील स्थिति में हैं और कितने भवन सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं, यह जांच का विषय है।
सूत्रों की मानें तो कई स्थानों पर केवल औपचारिकता के लिए अग्निशमन यंत्र तो लगे हैं, लेकिन उनकी समय-समय पर जांच और रिफिलिंग नहीं कराई जाती। कई भवनों में आपातकालीन निकास द्वार तक नहीं हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी आपदा के समय बड़ी जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता।
दिल्ली के मालवीय नगर हादसे में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई है, जिसके बाद वहां व्यापक जांच और कार्रवाई शुरू की गई है।
अब गोरखपुर की जनता जानना चाहती है कि क्या जिले के सभी होटलों, लॉज, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट का फायर सेफ्टी ऑडिट कराया गया है? क्या जिन प्रतिष्ठानों में खामियां मिली हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है? या फिर सब कुछ भगवान भरोसे चल रहा है?
यदि समय रहते प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई तो किसी बड़े हादसे के बाद केवल जांच और कार्रवाई की औपचारिकता ही बच जाएगी।
जनता का सवाल — क्या गोरखपुर सुरक्षित है, या किसी हादसे का इंतजार किया जा रहा है?








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