अनशन के 17वें दिन भी अडिग सोनम वांगचुक, बिगड़ती सेहत के बावजूद नहीं झुके।
नई दिल्ली। प्रसिद्ध शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन मंगलवार को 17वें दिन में प्रवेश कर गया। वे 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और हालिया कथित पेपर लीक मामलों के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
लगातार उपवास के कारण उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है। चिकित्सकों के अनुसार उनका लगभग 8.5 किलोग्राम वजन कम हो चुका है और शरीर में कमजोरी बढ़ गई है। इसके बावजूद वांगचुक ने कहा है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।
इस बीच कई विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों ने सोनम वांगचुक से स्वास्थ्य को देखते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की है। साथ ही केंद्र सरकार से बातचीत के जरिए इस मुद्दे का समाधान निकालने की मांग भी उठाई जा रही है।
सोनम वांगचुक का कहना है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार उनकी मांगों पर क्या निर्णय लेती है और यह आंदोलन आगे किस दिशा में बढ़ता है।








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