गोरखपुर का चर्चित प्रिया शेट्टी हत्याकांड: अवैध संबंध, पारिवारिक तनाव और सुनियोजित साजिश की पूरी कहानी।
गोरखपुर में हुए चर्चित प्रिया शेट्टी हत्याकांड में पुलिस ने अब अदालत में विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में कई ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और भी सनसनीखेज बना दिया है। पुलिस जांच के मुताबिक, यह हत्या अचानक गुस्से में नहीं बल्कि पहले से रची गई सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी।
पुलिस ने इस मामले में प्रेमी विजय कुमार साहनी, उसकी पत्नी संध्या साहनी और उसके पिता रामविलास साहनी को आरोपी बनाया है। जांच में अवैध संबंध, पारिवारिक विवाद, धोखा और हत्या की योजना जैसे कई पहलू सामने आए हैं।
कैसे शुरू हुई पूरी कहानी?
पुलिस जांच के अनुसार, मुंबई निवासी प्रिया शेट्टी और विजय कुमार साहनी के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। विजय मूल रूप से गोरखपुर के सहजनवा क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है, लेकिन मुंबई में रहकर काम करता था। वहीं पर उसकी मुलाकात प्रिया से हुई और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।
चार्जशीट में बताया गया है कि समय के साथ दोनों का रिश्ता काफी गहरा हो गया। प्रिया चाहती थी कि विजय उसके साथ स्थायी रूप से रहे, लेकिन विजय पहले से शादीशुदा था और अपने परिवार को छोड़ना नहीं चाहता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तनाव बढ़ने लगा।
जांच के दौरान पुलिस को मोबाइल चैट और कॉल रिकॉर्ड से कई अहम जानकारी मिली। पुलिस का कहना है कि बातचीत में दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। प्रिया लगातार विजय पर दबाव बना रही थी, जबकि विजय इस रिश्ते से बाहर निकलना चाहता था।
पत्नी को हुई रिश्ते की जानकारी
पुलिस जांच में सामने आया कि विजय की पत्नी संध्या साहनी को भी इस अवैध संबंध की जानकारी हो गई थी। शुरुआत में परिवार के भीतर इसे लेकर विवाद हुआ, लेकिन बाद में मामला और गंभीर हो गया।
चार्जशीट के मुताबिक, संध्या को लगने लगा था कि प्रिया की वजह से उसका परिवार टूट सकता है। इसी के बाद पति-पत्नी ने मिलकर प्रिया को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पुलिस का दावा है कि इस साजिश में विजय के पिता रामविलास साहनी को भी शामिल किया गया। ताकि घटना के बाद मामले को किसी और दिशा में मोड़ा जा सके और शक परिवार पर न जाए।
गोरखपुर बुलाने की योजना
जांच में यह भी सामने आया कि प्रिया को योजनाबद्ध तरीके से गोरखपुर बुलाया गया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले से ही पूरी तैयारी कर चुके थे।
चार्जशीट में दर्ज बयान के अनुसार, सभी आरोपी घटना से पहले गोरखपुर पहुंचे और एक होटल में रुके। पुलिस को होटल रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की मौजूदगी के प्रमाण मिले हैं।
मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल से भी यह पुष्टि हुई कि घटना के समय सभी आरोपी एक साथ थे। पुलिस ने इन तकनीकी साक्ष्यों को चार्जशीट का अहम हिस्सा बनाया है।
30 जनवरी की रात क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार, 30 जनवरी 2026 की रात करीब 10 बजे विजय, उसकी पत्नी संध्या और प्रिया एक ही स्कूटी से निकले। बताया गया कि वे पीपीगंज थाना क्षेत्र की ओर गए।
चार्जशीट में कहा गया है कि बैरहवा पुल के पास सुनसान स्थान देखकर आरोपियों ने प्रिया पर हमला कर दिया। उसके सिर पर पत्थर से वार किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने पहचान छिपाने और सबूत मिटाने की कोशिश भी की। पुलिस के मुताबिक, प्रिया के कपड़े जलाने का प्रयास किया गया और घटनास्थल को सामान्य हादसे जैसा दिखाने की कोशिश की गई।
इसके बाद आरोपी वहां से निकल गए और बाद में रामविलास साहनी को पूरी घटना की जानकारी दी गई।
पुलिस जांच में मिले अहम सबूत
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई स्तर पर जांच की। घटनास्थल से खून के नमूने, कपड़े, बाल, नाखून और अन्य साक्ष्य जुटाए गए।
फॉरेंसिक टीम ने मौके से कई नमूने एकत्र किए जिन्हें प्रयोगशाला भेजा गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच में हत्या की पुष्टि हुई है।
इसके अलावा मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड, होटल एंट्री और सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस की जांच को मजबूत आधार दिया।
पुलिस के अनुसार
आरोपियों के मोबाइल लोकेशन घटनास्थल के आसपास मिले।
होटल में रुकने के रिकॉर्ड मिले।
घटना से पहले और बाद की कॉल डिटेल संदिग्ध पाई गई।
डीएनए और अन्य फॉरेंसिक नमूने जांच के लिए भेजे गए।
चार्जशीट में इन सभी साक्ष्यों का विस्तार से उल्लेख किया गया है।
पुलिस का दावा: पहले से रची गई थी हत्या की साजिश
जांच अधिकारियों का कहना है कि यह हत्या अचानक नहीं हुई। आरोपियों ने पहले से पूरी योजना बनाई थी।
पुलिस के मुताबिक:
प्रिया को विश्वास में लेकर गोरखपुर बुलाया गया।
सुनसान स्थान चुना गया।
वारदात के बाद सबूत मिटाने की तैयारी भी पहले से थी।
परिवार के अन्य सदस्यों को भी घटना की जानकारी थी।
इसी आधार पर पुलिस ने हत्या, आपराधिक साजिश और साक्ष्य मिटाने जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया।
अदालत में दाखिल हुई 778 पन्नों की चार्जशीट
करीब कई महीनों की जांच के बाद पुलिस ने अदालत में 778 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की। इसमें गवाहों के बयान, तकनीकी साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज शामिल किए गए हैं।
पुलिस का दावा है कि उनके पास आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। अब अदालत में इन साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई होगी।
परिवार को न्याय की उम्मीद
प्रिया शेट्टी हत्याकांड ने मुंबई और गोरखपुर दोनों जगह लोगों को झकझोर दिया था। मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हुई।
अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि अंतिम फैसला अदालत द्वारा सुनवाई और गवाहों के आधार पर किया जाएगा।
आगे क्या होगा?
अब यह मामला अदालत में विचाराधीन रहेगा। अभियोजन पक्ष पुलिस द्वारा जुटाए गए सबूत अदालत में पेश करेगा, जबकि बचाव पक्ष अपनी दलील रखेगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्य इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई के दौरान और भी कई तथ्य सामने आ सकते हैं।








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