ब्लॉक में बैठकर जियो टैग का आरोप, 3.83 लाख के भुगतान पर उठे सवाल
भंडारों में आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण में अनियमितता के आरोप, मौके पर सत्यापन के बजाय फोटो से फोटो खींचकर भुगतान कराने का दावा
जंगल कौड़ियां, गोरखपुर। विकासखंड जंगल कौड़ियां की ग्राम पंचायत भंडारों में 15वें वित्त आयोग से कराए जा रहे आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण कार्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 तक निर्माण कार्य के नाम पर करीब 3 लाख 83 हजार रुपये के भुगतान की जानकारी सामने आने के बाद अब जियो टैग और मौके के भौतिक सत्यापन को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं।
आरोप है कि निर्माण कार्य का जियो टैग मौके पर पहुंचकर करने के बजाय ब्लॉक कार्यालय में बैठकर ही कर दिया गया। वहीं, ग्राम पंचायत स्तर से मौके की वास्तविक स्थिति की तस्वीर लेने के बजाय पहले से मौजूद फोटो की फोटो खींचकर भुगतान प्रक्रिया पूरी किए जाने का भी दावा किया जा रहा है।
मौके पर सत्यापन के बजाय ब्लॉक से प्रक्रिया पूरी करने का आरोप
सरकारी निर्माण कार्यों में भुगतान से पहले कार्य की वास्तविक प्रगति और मौके की स्थिति का सत्यापन महत्वपूर्ण प्रक्रिया मानी जाती है। ऐसे में भंडारों के आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण को लेकर सामने आए आरोपों ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी योजनाओं के निर्माण कार्यों का मौके पर जाकर सत्यापन नहीं किया जाएगा, तो निर्माण की गुणवत्ता और वास्तविक प्रगति की निगरानी कैसे सुनिश्चित होगी। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जियो टैग की लोकेशन, भुगतान से पहले हुए भौतिक सत्यापन और निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग की है।
3.83 लाख रुपये के भुगतान की जांच की मांग
आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण में करीब 3.83 लाख रुपये का भुगतान किए जाने की बात सामने आने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि भुगतान से पहले निर्माण कार्य का विधिवत भौतिक सत्यापन हुआ था या नहीं।
इसके साथ ही जियो टैग किस स्थान से किया गया, उसकी वास्तविक लोकेशन क्या थी और भुगतान के लिए कौन-कौन से दस्तावेज एवं फोटो लगाए गए, इसकी भी जांच की मांग उठ रही है।
बीडीओ बोले—मामला संज्ञान में, जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले में खंड विकास अधिकारी ने बताया कि प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण में जियो टैग और भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी हुई थी या नहीं और 3.83 लाख रुपये के भुगतान के पीछे वास्तविक कार्य की स्थिति क्या थी।








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